तपस्या का सच

तपस्या का सच

तपस्या का सच विजयनगर राज्य में बड़ी जोरदार ठंड पड़ रही थी। राजा कृष्णदेव राय के दरबार में इस ठंड …

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जादुई कुएँ

जादुई कुएँ

जादुई कुएँ एक बार राजा कॄष्णदेव राय ने अपने गॄहमंत्री को राज्य में अनेक कुएँ बनाने क आदेश दिया। गर्मियॉ …

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जाड़े की मिठाई

जाड़े की मिठाई

जाड़े की मिठाई एक बार राजमहल में राजा कृष्णदेव राय के साथ तेनालीराम और राजपुरोहित बैठे थे। जाड़े के दिन …

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जनता की अदालत

जनता की अदालत

जनता की अदालत एक दिन राजा कृष्णदेव राय शिकार के लिए गए। वह जंगल में भटक गए। दरबारी पीछे छूट …

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खूंखार घोड़ा

खूंखार घोड़ा

खूंखार घोड़ा विजयनगर के पड़ोसी मुसलमान राज्यों के पास बड़ी मजबूत सेनाएँ थीं। राजा कृष्णदेव राय चाहते थे कि विजयनगर …

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कुत्ते की दुम सीधी

कुत्ते की दुम सीधी

कुत्ते की दुम सीधी एक दिन राजा कृष्णदेव राय के दरबार में इस बात पर गरमागरम बहस हो रही थी …

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कुएं का विवाह

कुएं का विवाह

कुएं का विवाह एक बार राजा कॄष्णदेव राय और तेनालीराम के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। तेनालीराम …

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कीमती उपहार

कीमती उपहार

कीमती उपहार लड़ाई जीतकर राजा कृष्णदेव राय ने विजय उत्सव मनाया। उत्सव की समाप्ति पर राजा ने कहा- ‘लड़ाई की …

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ऊँट का कूबड

ऊँट का कूबड

ऊँट का कूबड एक बार राजा कॄष्णदेव राय तेनाली राम के किसी तर्क से बहुत प्रसन्न हुए और बोले, “तेनाली, …

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कितने कौवे

कितने कौवे

कितने कौवे महाराज कॄष्णदेव राय तेनालीराम का मखौल उडाने के लिए उल्टे-पुल्टे सवाल करते थे। तेनालीराम हर बार ऐसा उत्तर …

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